गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

विषय सूची
गणेश चतुर्थी 2026 की तिथि
- गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे
- गणेश विसर्जन / अनंत चतुर्दशी: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त
भोपाल, मध्य प्रदेश के अनुसार:
- मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
- पूजा अवधि: लगभग 2 घंटे 28 मिनट
ध्यान दें: पूजा का सटीक मुहूर्त शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।
गणेश चतुर्थी पूजा विधि
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति स्थापना और पूजा का विशेष महत्व होता है। पारंपरिक रूप से षोडशोपचार विधि से पूजा की जाती है।
पूजा की तैयारी
- पूजा स्थल को स्वच्छ कर चौकी पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएँ।
- गणेश जी की मूर्ति को चौकी पर विराजमान करें।
- कलश स्थापना करें – जल, आम्रपल्लव (आम के पत्ते) और नारियल रखें।
- पूजा सामग्री तैयार करें – दूर्वा घास, मोदक, फूल, दीपक, धूप, पंचामृत, फल आदि।
पूजा विधि
- संकल्प: पूजा का संकल्प लें।
- आवाहन: मंत्र जप से भगवान गणेश का आवाहन करें।
- अभिषेक: मूर्ति को पंचामृत और जल से स्नान कराएँ।
- वस्त्र और गंध: गणेश जी को वस्त्र और चंदन लगाएँ।
- पुष्प और दूर्वा: लाल फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- धूप-दीप: दीपक और धूप जलाकर दिखाएँ।
- नैवेद्य: मोदक और लड्डू का भोग लगाएँ।
- आरती: परिवार सहित गणेश जी की आरती करें।
गणेश आरती और भजन
पूजा के अंत में “सुखकर्ता दुखहर्ता” और “जय देव जय देव” जैसी गणेश आरतियाँ गाना शुभ माना जाता है।
1. घर और पूजा स्थान की सफाई करें
सुबह स्नान करके घर और पूजा स्थल को साफ करें।
2. भगवान गणेश की स्थापना करें
एक साफ चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
3. पूजा सामग्री अर्पित करें
भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, अक्षत, चंदन, फल और मोदक अर्पित करें।
4. मंत्र का जाप करें
“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
5. मोदक का भोग लगाएं
भगवान गणेश को मोदक प्रिय माने जाते हैं, इसलिए उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है।
6. गणेश आरती करें
पूजा के अंत में भगवान गणेश की आरती करें और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें।
गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान, शुभता और विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है।
गणेश चतुर्थी 2026 पर विशेष जानकारी
परंपरागत पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता भी है। भोपाल के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 8:57 बजे से रात 8:12 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने का समय बताया गया है।
गणपति विसर्जन 2026
गणेश उत्सव 10 दिनों तक चलता है और अंत में अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन किया जाता है।
गणपति विसर्जन तिथि: अनंत चतुर्दशी: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
