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गणबती बप्पा-अष्टविनायक मंदिरों की कहानी

अष्टविनायक यात्रा एक अनोखा और पवित्र तीर्थयात्रा है, जिसमें भगवान गणेश के आठ प्रमुख मंदिरों का दर्शन किया जाता है। यह यात्रा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से भरी हुई है और इसे हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। इस लेख में हम अष्टविनायक मंदिरों की कहानी, उनके धार्मिक महत्व, और इस यात्रा के ऐतिहासिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

अष्टविनायक कौन हैं

गणेश जी का महत्व हिंदू धर्म में

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभारंभ का देवता माना जाता है। हर शुभ कार्य की शुरुआत उनसे होती है। उनके आशीर्वाद से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

अष्टविनायक का धार्मिक महत्त्व

अष्टविनायक का अर्थ है आठ अलग-अलग रूपों में गणेशजी। यह आठ मंदिर महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं और इन्हें हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इन सभी मंदिरों की यात्रा करने से भक्त को गणेशजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

अष्टविनायक यात्रा का इतिहास

किसने की अष्टविनायक यात्रा की स्थापना?

अष्टविनायक यात्रा की उत्पत्ति का स्पष्ट इतिहास तो नहीं है, लेकिन इसे प्राचीन समय से ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा माना गया है। यह यात्रा समय के साथ और भी लोकप्रिय होती गई, विशेषकर महाराष्ट्र और अन्य प्रदेशों में रहने वाले गणेश भक्तों के बीच।

समय के साथ अष्टविनायक यात्रा का विस्तार

पहले केवल स्थानीय लोग ही इस यात्रा को करते थे, लेकिन आज यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो गई है। अब लाखों श्रद्धालु हर वर्ष अष्टविनायक यात्रा में भाग लेते हैं।

अष्टविनायक के आठ प्रमुख मंदिर

1. मोरेश्वर मंदिर – मोरगांव

यह मंदिर पुणे जिले में स्थित है और अष्टविनायक यात्रा का पहला मंदिर माना जाता है। यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है और इसकी स्थापत्य कला भी अद्भुत है।

अष्टविनायक

2. सिद्धिविनायक मंदिर – सिद्धटेक

सिद्धटेक का सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश का एक विशेष रूप है। यह मंदिर अहमदनगर जिले में स्थित है और इसकी महत्ता बहुत अधिक मानी जाती है।

अष्टविनायक

3. बल्लालविनायक मंदिर – पाली

पाली का बल्लालविनायक मंदिर रायगढ़ जिले में स्थित है। इसकी पौराणिक कथा है कि भगवान गणेश ने यहाँ भक्त बल्लाल की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिए थे।

अष्टविनायक

4. वरदविनायक मंदिर – महड

यह मंदिर रायगढ़ जिले में ही स्थित है और अष्टविनायक यात्रा का चौथा प्रमुख स्थान है। यहाँ भगवान गणेश को वरदान देने वाला देवता माना जाता है।

5. चिंतामणि विनायक मंदिर – थेऊर

यह मंदिर पुणे जिले के थेऊर गांव में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश के चिंतामणि स्वरूप को समर्पित है, जो सभी चिंताओं को हरने वाला माना जाता है।

अष्टविनायक

6. गिरिजात्मज मंदिर – लेण्याद्री

यह मंदिर एक पहाड़ी की गुफा में स्थित है और इसे गणेश जी की माँ पार्वती के पुत्र के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

7. विकटविनायक मंदिर – ओझर

ओझर का यह मंदिर नासिक जिले में स्थित है और इसे विकटविनायक के नाम से जाना जाता है। यह भगवान गणेश के विकट रूप का मंदिर है, जो अपने भक्तों के सभी विकट समस्याओं का समाधान करते हैं।

8. महागणपति मंदिर – रांजणगांव

यह मंदिर पुणे जिले में स्थित है और इसे अष्टविनायक यात्रा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है। यहाँ गणेश जी को महागणपति के रूप में पूजा जाता है, जो असीम शक्ति का प्रतीक हैं।

अष्टविनायक

अष्टविनायक यात्रा की धार्मिक प्रथाएं

यात्रा में क्या-क्या शामिल होता है?

अष्टविनायक यात्रा के दौरान भक्त सभी आठ मंदिरों के दर्शन करते हैं। यात्रा का शुभारंभ गणेश जी की पूजा से होता है, जिसमें मंत्रोच्चार, आरती और प्रसाद का वितरण शामिल है।

यात्रा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

यह यात्रा न केवल धार्मिक है, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। हर मंदिर की अपनी अलग कहानी और परंपरा है, जो भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण नियम

किन नियमों का पालन करना चाहिए?

अष्टविनायक यात्रा के दौरान कुछ नियमों का पालन आवश्यक है, जैसे कि पवित्रता बनाए रखना, सात्विक आहार लेना, और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों से बचना।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के अनुभव

इस यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु अपने अनुभवों को साझा करते हैं। उनके अनुसार, यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करती है।

अष्टविनायक यात्रा की आध्यात्मिक शक्ति

गणेशजी की कृपा कैसे मिलती है?

अष्टविनायक यात्रा करने वाले भक्तों का मानना है कि गणेश जी की कृपा से जीवन की हर समस्या का समाधान होता है और मन की शांति प्राप्त होती है।

आस्था और विश्वास का महत्व

यह यात्रा आस्था और विश्वास पर आधारित है। भक्तों का विश्वास है कि भगवान गणेश उनकी सभी मनोकामनाएँ पूरी करेंगे, बस उन्हें सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए।

यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

किस समय पर यात्रा सबसे शुभ होती है?

अष्टविनायक यात्रा का सबसे अच्छा समय गणेश चतुर्थी या अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों के दौरान होता है। उस समय यहाँ बहुत भीड़ होती है, लेकिन भक्तों के अनुसार यह समय सबसे शुभ माना जाता है।

अष्टविनायक यात्रा से जुड़ी प्रमुख कथाएं

यात्रा से संबंधित पौराणिक कहानियां

अष्टविनायक यात्रा से जुड़ी कई पौराणिक कहानियाँ हैं, जिनमें से एक कथा बल्लाल और भगवान गणेश की है। यह कहानी बताती है कि भगवान गणेश अपने भक्तों के लिए हर समय तैयार रहते हैं।

भक्तों के व्यक्तिगत अनुभव

कई भक्तों ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह इस यात्रा से उन्हें मानसिक शांति और जीवन में सफलता मिली।

यात्रा कैसे करें: महत्वपूर्ण जानकारी

यात्रा के साधन और मार्गदर्शिका

अष्टविनायक यात्रा करने के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से बस, ट्रेन और निजी वाहन की सुविधा उपलब्ध है। हर मंदिर तक पहुँचने के लिए विशेष मार्गदर्शिका उपलब्ध है।

ठहरने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं

यात्रा के दौरान भक्तों के ठहरने की अच्छी व्यवस्था की जाती है। अधिकतर मंदिरों के पास धर्मशालाएं और होटल उपलब्ध होते हैं।

यात्रा की तैयारी: क्या ध्यान रखना चाहिए?

यात्रा से पहले आवश्यक सामग्री

अष्टविनायक यात्रा की तैयारी करते समय आपको धार्मिक वस्त्र, पूजा सामग्री और अपने व्यक्तिगत सामान की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए।

यात्रा की योजना बनाने के सुझाव

यात्रा को सुगम बनाने के लिए पहले से योजना बनाना महत्वपूर्ण है। इससे आपको यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अष्टविनायक यात्रा का समापन

यात्रा के अंतिम चरण की विशेषता

अष्टविनायक यात्रा का समापन रांजणगांव के महागणपति मंदिर में होता है। यहाँ भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है और यह यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

अंतिम मंदिर का विशेष महत्व

रांजणगांव का महागणपति मंदिर सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ भगवान गणेश को महाशक्ति के रूप में पूजा जाता है, जो सभी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

कौन सा मंदिर खास?

अष्टविनायक यात्रा में रांजणगांव का महागणपति मंदिर सबसे खास माना जाता है। इसे विशेष महत्व इसलिए प्राप्त है क्योंकि यहाँ भगवान गणेश को महागणपति के रूप में पूजा जाता है, जो उनकी असीम शक्ति और महिमा का प्रतीक है। इस मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति विशेष रूप से शक्तिशाली मानी जाती है, और यह अष्टविनायक यात्रा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण स्थल है। मान्यता है कि यहाँ भगवान गणेश की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और उसे विशेष आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

अष्टविनायक की कथा?

अष्टविनायक की कथा भगवान गणेश के आठ रूपों से जुड़ी पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इन आठों रूपों की पूजा अष्टविनायक यात्रा में की जाती है। मुख्य कथा भगवान गणेश और उनके भक्तों के प्रति उनकी कृपा से जुड़ी है। यहां एक प्रमुख कथा प्रस्तुत की जा रही है, जो पाली के बल्लालविनायक मंदिर से संबंधित है:

बल्लाल और भगवान गणेश की कथा

पुराने समय में महाराष्ट्र के पाली गांव में एक धनी व्यापारी का पुत्र बल्लाल रहता था। वह बचपन से ही भगवान गणेश का बड़ा भक्त था। एक बार उसने अपने दोस्तों के साथ गांव के पास एक वन में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर वहां पूजा-अर्चना की। पूजा में इतने तल्लीन हो गए कि वे सभी अपने घर जाने का समय भी भूल गए।

इस बीच, गांववालों ने देखा कि उनके बच्चे घर नहीं लौट रहे हैं, जिससे वे चिंतित हो गए। बल्लाल के पिता ने समझा कि बल्लाल ही इस पूजा का आयोजन कर रहा है और उसने उसे और अन्य बच्चों को ढूंढकर उनकी पूजा तोड़ दी। क्रोधित होकर बल्लाल के पिता ने भगवान गणेश की मूर्ति भी तोड़ दी और बल्लाल को पेड़ से बांध दिया।

बल्लाल ने भगवान गणेश से दिल से प्रार्थना की। उसकी सच्ची भक्ति देखकर भगवान गणेश स्वयं प्रकट हुए और बल्लाल को दर्शन दिए। भगवान गणेश ने बल्लाल के पिता को अपनी गलती का एहसास कराया और सभी बच्चों को मुक्त कर दिया। बल्लाल की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान गणेश ने उसे आशीर्वाद दिया और कहा कि इस स्थान पर मेरी पूजा सदैव होगी। तभी से इस स्थान को बल्लालविनायक कहा जाने लगा, और यहाँ पर भगवान गणेश के बल्लालविनायक रूप की पूजा की जाती है।

अष्टविनायक यात्रा का महत्व

अष्टविनायक के सभी आठ मंदिरों की अपनी-अपनी पौराणिक कथाएं हैं, लेकिन हर कथा में एक बात समान है – भगवान गणेश अपने भक्तों के प्रति असीम करुणा और प्रेम रखते हैं। इन कथाओं से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान गणेश अपने सच्चे भक्तों की हर प्रार्थना सुनते हैं और उनकी रक्षा करते हैं।

यात्रा का खर्च?

अष्टविनायक यात्रा का खर्च कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि यात्रा का साधन, ठहरने की व्यवस्था, खाने-पीने की लागत और यात्रा की अवधि। यहाँ एक सामान्य अनुमान दिया गया है:

1. यात्रा के साधन का खर्च

निजी वाहन से यात्रा: अगर आप अपनी गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं, तो पेट्रोल/डीजल का खर्च मुख्य होगा। पुणे से सभी मंदिरों की दूरी करीब 750-800 किमी के आसपास होती है, तो यात्रा के कुल खर्च का आकलन आपके वाहन की माइलेज पर निर्भर करेगा।

बस या टैक्सी: अगर आप स्थानीय टूर ऑपरेटर के साथ अष्टविनायक यात्रा करते हैं, तो प्रति व्यक्ति का खर्च लगभग ₹3,000 से ₹5,000 हो सकता है। इसमें यात्रा के साधन और कुछ जगहों पर ठहरने की सुविधा भी शामिल होती है।

2. ठहरने का खर्च

अष्टविनायक यात्रा के दौरान मंदिरों के पास कई धर्मशालाएं और बजट होटल उपलब्ध हैं। धर्मशालाओं में ठहरने का खर्च ₹300 से ₹800 प्रति रात हो सकता है।

अगर आप होटल में ठहरते हैं, तो एक साधारण होटल का खर्च ₹1,000 से ₹2,000 प्रति रात के बीच हो सकता है।

3. खाने-पीने का खर्च

यात्रा के दौरान खाने का खर्च भी साधारण हो सकता है। सामान्यतः एक व्यक्ति के लिए प्रति दिन ₹200 से ₹500 के बीच भोजन का खर्च होता है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कहाँ खाते हैं। धार्मिक स्थलों पर कई जगह मुफ्त भोजन (लंगर) भी मिलता है।

4. यात्रा की अवधि

यदि आप अष्टविनायक यात्रा को 2-3 दिनों में पूरी करते हैं, तो आपका कुल खर्च कम रहेगा। यदि आप इसे आराम से और विस्तारित अवधि में करते हैं, तो खर्च थोड़ा बढ़ सकता है।

5. अन्य खर्च

मंदिरों में पूजा और दान के लिए अतिरिक्त खर्च हो सकता है। कुछ मंदिरों में विशेष पूजा कराने का शुल्क ₹100 से ₹500 के बीच हो सकता है।

कुल अनुमानित खर्च

अगर आप साधारण तरीके से यात्रा करते हैं, तो प्रति व्यक्ति खर्च लगभग ₹5,000 से ₹10,000 तक हो सकता है। यदि आप ज्यादा आरामदायक यात्रा और ठहरने की सुविधा चाहते हैं, तो खर्च बढ़कर ₹10,000 से ₹15,000 तक भी हो सकता है।

यह खर्च आपके द्वारा चुने गए साधन और सुविधा के अनुसार घट-बढ़ सकता है।

निष्कर्ष: अष्टविनायक यात्रा का आध्यात्मिक संदेश

अष्टविनायक यात्रा न केवल धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। इस यात्रा के दौरान भक्तों को आत्मिक शांति और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है। यह यात्रा आस्था, विश्वास और भगवान गणेश के प्रति समर्पण की प्रतीक है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1.अष्टविनायक यात्रा कितने दिनों में पूरी की जा सकती है?

अष्टविनायक यात्रा सामान्यतः 2-3 दिनों में पूरी की जा सकती है, लेकिन यह आपके समय और यात्रा की योजना पर निर्भर करता है।

2.क्या हर उम्र के लोग अष्टविनायक यात्रा कर सकते हैं?

हाँ, हर उम्र के लोग इस यात्रा को कर सकते हैं, बस उन्हें अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।

3.क्या यात्रा के लिए विशेष समय का पालन करना आवश्यक है?

यात्रा किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन विशेष धार्मिक अवसरों जैसे गणेश चतुर्थी पर इसे करने का विशेष महत्व है।

4.क्या सभी मंदिर महाराष्ट्र में ही स्थित हैं?

हाँ, अष्टविनायक के सभी आठ मंदिर महाराष्ट्र राज्य में स्थित हैं।

5.क्या अष्टविनायक यात्रा किसी विशेष उद्देश्य से की जाती है?

यह यात्रा भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से की जाती है।

वैश्विक भविष्य पर चर्चा संयुक्त राष्ट्र के ‘भविष्य के शिखर सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री का संबोधन

महानुभावों,

वैश्विक भविष्य पर चर्चा

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और 1.4 बिलियन भारतीयों की ओर से आप सभी को नमस्कार। हाल ही में जून में हुए मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनावों में भारत के लोगों ने मुझे लगातार तीसरी बार उनकी सेवा करने का अवसर दिया है। और आज मैं मानवता के इस छठे हिस्से की आवाज़ आपके सामने लेकर आया हूँ। ,

मित्रों,

जब हम वैश्विक भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं, तो हमें मानव केंद्रित दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए, हमें मानव कल्याण, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत में 250 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर, हमने यह प्रदर्शित किया है कि सतत विकास सफल हो सकता है। और हम अपनी सफलता के इस अनुभव को पूरे वैश्विक दक्षिण के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं। ,

मित्रों,

मानवता की सफलता हमारी सामूहिक शक्ति में निहित है, युद्ध के मैदान में नहीं। और वैश्विक शांति और विकास के लिए, वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक हैं। सुधार प्रासंगिकता की कुंजी है! नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ में G20 की स्थायी सदस्यता, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। जहाँ एक ओर आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर साइबर, समुद्री और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र संघर्ष के नए रंगमंच के रूप में उभर रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर, मैं इस बात पर जोर देना चाहूँगा कि वैश्विक कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा से मेल खानी चाहिए!

मित्रों,

प्रौद्योगिकी के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए संतुलित विनियमन की आवश्यकता है। हमें वैश्विक डिजिटल शासन की आवश्यकता है, जो सुनिश्चित करे कि राष्ट्रीय संप्रभुता और अखंडता बरकरार रहे। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एक पुल होनी चाहिए, बाधा नहीं! वैश्विक भलाई के लिए, भारत अपने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को पूरी दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

मित्रों,

भारत के लिए, “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” एक प्रतिबद्धता है। यह प्रतिबद्धता “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” और “एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड” जैसी हमारी पहलों में भी परिलक्षित होती है। भारत सभी मानवता के अधिकारों की रक्षा और वैश्विक समृद्धि के लिए विचार, वचन और कर्म से काम करना जारी रखेगा।

गिरोना बनाम बार्सिलोना, ला लीगा: फाइनल स्कोर 1-4, लेमिन यामल ने चमक बिखेरी, जिससे बार्सिलोना ने शानदार जीत दर्ज की

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गिरोना बनाम बार्सिलोना-बार्सिलोना ने अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से वापसी की और अपने पहले महीने के शानदार प्रदर्शन के बाद वहीं से शुरुआत की, जहां से उन्होंने छोड़ा था, और अभी भी स्पेन में एकमात्र टीम है जिसका रिकॉर्ड 100% है, जिसका श्रेय लगातार पांचवीं जीत और रविवार को मोंटीलिवी स्टेडियम में स्थानीय प्रतिद्वंद्वी गिरोना पर 4-1 से जीत को जाता है। हांसी फ्लिक की टीम एक बार फिर शुरुआत से अंत तक बेहतर टीम रही और कुछ बेहतरीन गोल करके तीन और अंक अर्जित किए और सीजन की अपनी शानदार शुरुआत जारी रखी।

गिरोना बनाम बार्सिलोना

पहला हाफ

गिरोना बनाम बार्सिलोना-बार्सा ने शुरुआती दौर के पहले 40 मिनट में शानदार प्रदर्शन किया और गेंद को अपने कब्जे में लिया। बॉल पर ब्लाउग्राना अपनी पासिंग और मूवमेंट के साथ तेज, सटीक और अप्रत्याशित थे, और इसके बिना उन्होंने गिरोना को बार-बार निराशाजनक लंबी गेंदें फेंकने के लिए दबाव डालना और मजबूर करना बंद नहीं किया।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-हांसी फ्लिक की टीम ने बहुत सारे शॉट लगाए और पाउलो गज़ानिगा को शुरुआत में ही कुछ ठोस बचाव करने के लिए मजबूर किया, और उनके लगातार दबाव ने अंततः उन्हें बढ़त दिलाई: गिरोना द्वारा एक छोटा गोल-किक लेने के बाद, सेंटर-बैक डेविड लोपेज़ को लैमिन यामल द्वारा दबाया गया और गेंद को छीन लिया गया, जिन्होंने गेंद को छीन लिया और आधे घंटे के निशान पर बार्सा को आगे करने के लिए कम दूरी से गोल किया।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-सात मिनट बाद दूसरा गोल हुआ: राफिन्हा की फ्री-किक को गिरोना डिफेंस ने खराब तरीके से क्लियर किया, और यामल ने रिबाउंड पर शानदार कर्लिंग प्रयास के साथ निचले कोने में ब्लाउग्राना की बढ़त को दोगुना कर दिया। आगंतुक पूरी तरह से नियंत्रण में थे, और ऐसा लग रहा था कि वे ब्रेक तक दो गोल की बढ़त हासिल कर लेंगे।

लेकिन गिरोना ने आखिरकार हाफ के आखिरी पांच मिनट में अपनी नींद खोली और खेल में वापसी के लिए दो बेहतरीन मौके बनाए: पहला मौका ब्रायन गिल का वन-ऑन-वन ​​था, जिसे मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन द्वारा शानदार बचाव की जरूरत थी और दूसरा इनिगो मार्टिनेज पर हैंडबॉल के लिए एक स्पष्ट पेनल्टी थी।

हालांकि, VAR ने हस्तक्षेप किया और रेफरी से स्क्रीन देखने को कहा। अधिकारी देख पाया कि एलेजांद्रो बाल्डे ने बहुत कम दूरी से गेंद को इनिगो के हाथ पर हेड किया था, जो हैंडबॉल कानून के अनुसार पेनल्टी नहीं है। निर्णय को पलट दिया गया और हाफटाइम सीटी बजने के बाद बार्सा दो गोल की बढ़त के साथ बच गया।

ब्रेक के समय ब्लाउग्राना एक सनसनीखेज शुरुआती दौर के बाद आगे था, लेकिन अंतिम पांच मिनट ने साबित कर दिया कि गिरोना अभी भी खेल से बाहर नहीं हुआ है और खेल में वापसी करने के लिए दूसरे हाफ में गर्मी लाएगा।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-दूसरा हाफ

हालांकि, गिरोना के वापसी करने से पहले ही, बार्सा ने एक घातक झटका दिया: दूसरे हाफ में सिर्फ़ 75 सेकंड में जूल्स कोंडे ने अपने कमज़ोर बाएं पैर से एक शानदार पास खेला, जिससे डैनी ओल्मो को रन मिल गया, जिन्होंने फिर एक असंभव कोण से रॉकेट दागा और नेट पर जाकर बार्सा की बढ़त को शानदार अंदाज़ में तिगुना कर दिया।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-गिरोना ने अपना तीसरा गोल गंवाने के बाद मिनटों में गोल करने की कोशिश जारी रखी और बार्सा ने पीछे बैठकर काउंटर पर मौके बनाने में खुशी मनाई। उन्होंने ऐसा बार-बार किया और रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और यामल दोनों ने बार्सा की बढ़त को बढ़ाने के कई मौके गंवा दिए, इससे पहले कि हम एक घंटे के निशान तक पहुँचते।

लेकिन उन्हें आखिरकार चौथा गोल करने के लिए बहुत लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ा: मार्क कैसाडो की एक बेहद शानदार थ्रू बॉल ने बॉक्स के अंदर पेड्री को अकेला पाया और जादूगर ने गोलकीपर को चकमा देकर स्कोरिंग पार्टी में शामिल होकर खेल को हमेशा के लिए अपने नाम कर लिया।

हांसी फ्लिक ने अपने कुछ प्रमुख स्टार्टर्स को आराम देने के लिए बदलाव करना शुरू किया, और बार्सा की गति स्वाभाविक रूप से धीमी हो गई क्योंकि उन्होंने बिना किसी परेशानी के जीत की पुष्टि करने के लिए समय निकालने और क्लीन शीट रखने पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, वे क्लीन शीट नहीं रख सके, क्योंकि पोर्टू डिफेंस के पीछे आ गया और क्रिस्टियन स्टुआनी को आसान टैप-इन के लिए ढूंढ़ लिया, जिससे घरेलू प्रशंसकों को थोड़ी सांत्वना मिली।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-गिरोना को अंत में एक अतिरिक्त बढ़ावा मिला जब फेरान टोरेस को यासर एस्प्रीला पर एक टैकल के लिए सीधे लाल कार्ड दिखाया गया जो लाल कार्ड के योग्य नहीं था, लेकिन ब्लाउग्राना को अभी भी 10 पुरुषों के साथ खेल खत्म करना था। अंतिम सेकंड में चीजें तीखी और शारीरिक हो गईं क्योंकि गिरोना ने अपने टैकल पर कुछ अतिरिक्त छोड़ना शुरू कर दिया, और फ्लिक ने अनावश्यक चोट या किशोर को बाहर भेजने से बचने के लिए यामल को चतुराई से बदल दिया।

गिरोना बनाम बार्सिलोना-अंतिम सीटी बजने के साथ ही फ्लिक के सैनिकों के लिए एक और शानदार दोपहर समाप्त हो गई, जिन्होंने अगस्त से अपनी गति को नहीं खोया और अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से उसी भूख, तीव्रता और संगठन के साथ वापस आए जो हमने पहले चार खेलों में देखा था। गिरोना से एक वास्तविक परीक्षा देने की उम्मीद थी, लेकिन बार्सा ने उन्हें कभी भी खेल में शामिल नहीं होने दिया, और आसानी से एक और प्रभावशाली जीत हासिल की।

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी एफसी हाइलाइट्स, आईएसएल मैच 2024- एमबीएसजी ने 2 गोल की बढ़त गंवाई, एमसीएफसी ने लेट प्वाइंट बचाया

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मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी एफसी हाइलाइट्स आईएसएल मैच 2024 हाइलाइट्स- मोहन बागान सुपर जायंट को शुक्रवार को इंडियन सुपर लीग के उद्घाटन मैच में मुंबई सिटी एफसी ने 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया।एमबीएसजी बनाम एमसीएफसी

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी एफसी हाइलाइट्स, इंडियन सुपर लीग-शुक्रवार को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2024 के उद्घाटन मैच में मोहन बागान सुपर जायंट को मुंबई सिटी एफसी ने 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया। गत आईएसएल शील्ड चैंपियन ने मैच के अंतिम 20 मिनट में दो गोल की बढ़त गंवा दी। पहले हाफ में आत्मघाती गोल करने वाले स्पेनिश डिफेंडर टिरी ने 70वें मिनट में आइलैंडर्स के लिए एक गोल वापस ला दिया।

उनके गोल ने मैच के अंतिम 20 मिनटों में मेरिनर्स पर मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी। चूके हुए मौके मोहन बागान को परेशान करने लगे जब रेगुलेशन टाइम के अंतिम मिनट में थायर क्रौमा ने विशाल कैथ को हराकर आईएसएल कप विजेताओं के लिए एक अंक बचाया। पहले हाफ में, अल्बर्टो रोड्रिग्ज ने 8वें मिनट में टिरी के आत्मघाती गोल के बाद मोहन बागान की बढ़त को दोगुना करने के लिए आईएसएल में अपना पहला मैच खेला।

आईएसएल 2024 हाइलाइट्स साल्ट लेक स्टेडियम, कोलकाता से-मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी एफसी हाइलाइट्स

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- फुल-टाइम!

आइलैंडर्स के लिए शानदार परिणाम। 89वें मिनट में थायर क्रौमा के गोल की बदौलत मुंबई सिटी ने एक अंक हासिल किया। मोहन बागान ने दो अंक गंवाए। अंतिम क्वार्टर में मेरिनर्स ने बहुत सारी गलतियाँ कीं और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव-क्रूमा ने बराबरी की

दूसरे हाफ में बेहतरीन फिनिश के साथ थायर क्रूमा ने स्कोर 2-2 कर दिया। नौफाल ने बाएं चैनल से ड्राइव किया और अनिरुद्ध थापा को पीछे छोड़ते हुए बॉल को बॉक्स के अंदर वापस कट किया। बॉल क्रूमा के पास गिरी, जिन्होंने साइडफुट से उसे विशाल कैथ की पहुंच से परे निचले कोने में पहुंचा दिया।मुंबई सिटी ने बराबरी हासिल की!

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव-अल्बर्टो लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए!

टॉम एल्ड्रेड रेगुलेशन टाइम और इंजरी टाइम के आखिरी नौ मिनट के लिए मैदान में हैं। अल्बर्टो लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर जा रहे हैं और उनके लिए रास्ता बना रहे हैं। जैसा कि स्थिति है, अल्बर्टो का गोल दोनों टीमों के बीच का अंतर है।

एमबीएसजी में दोहरा बदलाव- मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- सहल अब्दुल समद और अनिरुद्ध थापा इस मैच के अंतिम क्वार्टर में हैं। लिस्टन और अभिषेक ने इस गतिशील जोड़ी के लिए जगह बनाई। मोहन बागान को इस मुकाबले को जीतने के लिए एक गोल की जरूरत है। अभी तक यह किसी के भी हाथ में है।

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- तिरी ने एक गोल वापस खींचा

इस बार तीरी ने दाएं छोर पर गोल किया! मैच खत्म होने में 20 मिनट से भी कम समय बचा है और मोहन बागान सुपर जायंट 2-1 से आगे है। कॉर्नर किक के बाद बॉक्स के अंदर अफरा-तफरी मच गई। करेलिस और तीरी दोनों ही गेंद के लिए आगे बढ़े, और ऐसा लग रहा है कि तीरी ने ही गेंद को अंतिम रूप दिया।

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- एमसीएफसी में एक और बदलाव

नौफल अपने डेब्यू के लिए तैयार है। गोकुलम केरल के इस पूर्व खिलाड़ी ने जयेश राणे की जगह ली है, जिन्हें पीला कार्ड मिला था। नौफल के पास कुछ जादू करने के लिए सिर्फ़ 25 मिनट बचे हैं। यह लड़का बहुत तेज़ है

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- वैन नीफ को बड़ी राहत

वैन नीफ़ दूसरे पीले कार्ड से बच गए! यह काउंटर को रोकने का जानबूझकर किया गया प्रयास था। पेट्राटोस थ्रो इन से गेंद को छोड़ने वाले थे। हालाँकि, डच मिडफील्डर ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। वह पहले से ही पीले कार्ड पर थे।

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- आसान बचाव!

एमसीएफसी के कप्तान चांगटे ने कॉर्नर के बाद गेंद को अपने पास आने के बाद दूर से शॉट मारने की कोशिश की। हालांकि, उनका लूपिंग शॉट विशाल कैथ को परेशान करने में विफल रहा। मुंबई सिटी की गोल की तलाश जारी है

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- हाफ टाइम!

गत विजेता मोहन बागान ने हाफ टाइम तक 2-0 की बढ़त बना ली है। अल्बर्टो रोड्रिगेज ने डेब्यू गोल किया, जब तिरी ने गेंद को अपने ही नेट में डाल दिया। शानदार 45 मिनट आने वाले हैं

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव-4 मिनट अतिरिक्त!

पहले 45 मिनट में चार अतिरिक्त मिनट जोड़े गए, जिसमें मोहन बागान 2-0 से आगे था। इस बीच, बिपिन ने बाएं चैनल से एक और शानदार रन बनाया। उन्होंने बॉक्स के अंदर एक शुरुआती लो क्रॉस कर्ल किया। करेलिस की हरकत विश्व स्तरीय थी, लेकिन ग्रीक ने अपनी लाइन्स को गड़बड़ कर दिया। मोहन बागान के लिए नर्वस पल

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- बिपिन के लिए मौका!

बिपिन का शानदार फुटवर्क! बॉक्स के अंदर दौड़ने से पहले उन्होंने आशीष राय को एक बेहतरीन टच से हराया। उन्होंने अपने बाएं पैर पर कट लगाया और फिर गेंद को साइड नेटिंग में पहुंचा दिया। विशाल कैथ अपने डिफेंडर से खुश नहीं हैं

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- एमसीएफसी के लिए प्रतिस्थापन!

मुंबई सिटी एफसी के लिए आईएसएल में अपने पदार्पण मैच के 40 मिनट बाद ही जॉन टोरल मैदान से बाहर हो गए। उनकी जगह जेरेमी मंज़ोरो को शामिल किया गया। ऐसा लगता है कि यह बदलाव ज़बरदस्ती किया गया है

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव-अल्बर्टो ने बढ़त दोगुनी कर दी!

अल्बर्टो रोड्रिगेज ने अपने ISL डेब्यू पर गोल किया! मेरिनर्स की शानदार टीमवर्क। जेसन कमिंग्स ने दाएं फ्लैंक पर आशीष राय को पाया, और बाद में ग्रेग स्टीवर्ट ने एक बेहतरीन क्रॉस के साथ गेंद को पकड़ा। मुंबई सिटी के पूर्व खिलाड़ी ने अल्बर्टो के रास्ते में गेंद को हेड किया, जिन्होंने गेंद को नेट में डाल दिया

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- राणे को मिला पीला कार्ड!

आशीष राय के साथ टकराव के लिए उन्हें पीला कार्ड मिला।जयेश राणे रेफरी की नजर में आने वाले पहले खिलाड़ी हैं। मुंबई सिटी के लिए एक और झटका दी!

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव-क्या टैकल था!

रिकवरी की बात करें। डिमी पर आखिरी दम तक टैकल करने वाले वलपुइया। कमिंग्स ने गेंद प्राप्त की और अपने हमवतन को छोड़ने से पहले तेजी से मुड़े। हालांकि, वलपुइया ने पेट्राटोस को पीछे छोड़ दिया और गेंद को बचाने के लिए अपने शरीर का इस्तेमाल किया और गेंद को खतरे से बाहर कर दिया। यहीं पर खेल खत्म हो गया

मोहन बागान बनाम मुंबई सिटी लाइव- हम वापस आ गए हैं!

दूसरे हाफ की शुरुआत मुंबई सिटी एफसी की इस मैच में वापसी की कोशिश से होती है। वे साल्ट लेक स्टेडियम में 0-2 से पीछे हैं।